प्रोग्रामिंग में गणित: आवश्यक है या नहीं?

कईं लोगों का यह प्रश्न होता है की अगर हम प्रोग्रामिंग सिख रहे है तो “हमें गणित सीखनी चाहिए या नहीं?“, अगर सीखनी चाहिए तो “प्रोग्रामिंग के लिए कितना गणित सीखना चाहिए?“। इस सवाल के उत्तर के लिए हमने आपके लिए यह है।

आज के युग में बहुत से स्टूडेंट्स 12वीं के बाद कंप्यूटर फील्ड में जाने के बारे में विचार करते है। और कंप्यूटर फील्ड में प्रोग्रामिंग बहुत महत्वपूर्ण होती है। लेकिन प्रोग्रामिंग में अच्छी पकड़ बनाने के लिए आपको गणित यानि मैथमेटिक्स का ज्ञान होना अति आवश्यक है। क्योंकि प्रोग्रामिंग में तरह तरह के प्रोब्लेम्स का आप सामना करते है। और उसमे गणित के सूत्रों और लॉजिक लगाकर आपको उन प्रोब्लेम्स का हल निकालना होता है।

लेकिन कई लोग गणित में कमजोर होने की वजह से प्रोग्रामिंग में जाने से घबराते है | लेकिन अगर आप की भी गणित कमजोर है और आपको प्रोग्रामिंग फील्ड में जाने की इच्छा रखते है तो आप आसानी से जा सकते है क्योंकि प्रोग्रामिंग में जरूरी गणित आप ज्यादा से ज्यादा 6 महीनो के अंदर सीख सकते है अगर आप में एक गुण है Consistency का।

ज्यादातर कॉमर्स, आर्ट्स, बायो या किसी भी नॉन – गणित बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स जब प्रोग्रामिंग फील्ड में आते है तो उन विद्यार्थी को गणित की समस्या रहती है। लेकिन प्रोग्रामिंग में उपयोग होने वाली गणित को कोई भी आसानी से सीख सकता है। चलिए बात करते है कि आपको कौन – कौन से प्रकार की गणित के बारे में नॉलेज होना चाहिए।

प्रोग्रामिंग में जरुरी गणित (Important Maths for Programming)

Maths for Programming in Hindi - प्रोग्रामिंग में गणित

  • साधारण गणित

अगर आप प्रोग्रामिंग फील्ड में रूचि रखते हो या नहीं, फिर भी साधारण गणित सबको आनी ही चाहिए। साधारण गणित में जोड़ (Addition), घटाव (Subtraction), गुणा (Multiplication), भाग (Division) इन सबका समावेश होता है। क्योंकि प्रोग्रामिंग में मुश्किल से मुश्किल सवाल या प्रोब्लेम्स में साधारण गणित का उपयोग होता है। साधारण गणित में उपयोग होने वाली कई उपयोगी ट्रिक्स के बारे में भी आपको ज्ञान होना चाहिए। यह ज्ञान को यूट्यूब पर से लिया जा सकता है।

  • Quantitative Aptitude (परिमाणात्मक योग्यता)

आपको को प्रोग्रामिंग में साधारण गणित से जयादा अधिक गणित का ज्ञान होना चाहिए। इस में LCM (Least Common Multiple), HCF (Highest Common Factor),  Area of circle, Rectangle, Triangle, Prime number, Armstrong number, Happy number, बीजगणित, क्रमचय और संचय, संभावना का समावेश होता है। इसके अतिरिक्त आपको number series भी आना चाहिए। अगर आपने किसी भी बैंकिंग परीक्षा में भाग लिया हो तो आपने निम्नलिखित सवाल जरूर देखें होंगे।

  • 2 , 5 , 8 , 11 , 14 ,…
  • 3 , 6, 12 , 29,…
  • 8 , 27 , 64,…

यह नंबर सीरीज होती है, जिनमे अलग अलग जनरल टर्म होती है। इन सवालो का भी परिमाणात्मक योग्यता में समावेश होता है।

  • Number System

प्रोग्रामिंग में एक बहुत जरूरी गणित का ज्ञान होना चाहिए वो है नंबर सिस्टम। नंबर सिस्टम मुख्य चार प्रकार के होते है:

  • Binary number system
  • Octal number system
  • Decimal number system
  • Hexadecimal number system

इसके साथ साथ आपको इन नंबर का जोड़ (Addition), घटाव (subtraction), गुणा (multiplication), भाग (division) आना चाहिए। तथा इन नंबर का एक दूसरे के साथ Conversion भी आपको आना चाहिए। आप सबको नंबर सिस्टम के बारे में जानने के लिए आप यूट्यूब पर बहुत से चैनल से सीख सकते है।

प्रोग्रामिंग में जरुरी बातें (Important Tips for Programming)

अब प्रोग्रामिंग में गणित के अलावा भी कुछ बात्तों का ध्यान रखना होता है, यह सभी बाते कही न कही गणित से जुडी है, जिनकी मदद से आप प्रोग्रामिंग में कामयाबी हांसिल कर सकते है। लेकिन इन बातो में आपको लगातार प्रैक्टिस की जरूरत होती है।

  • Logical Thinking

प्रोग्रामिंग में सबसे पहले कोई भी प्रॉब्लम या सवाल को हल करने के लिए आपके दिमाग से लॉजिक क्लिक करना जरूरी है। सामान्य तौर पर,आप जब भी कोई सवाल शुरू करंगे तो उस सवाल को आप किस तरह हल (सॉल्व) करना है, उसका पूरा विवरण आपको किसी नोटबुक में लिखना है, उसे ही लॉजिक कहते है। आप अधिक से अधिक सवाल हल करेंगे तो लॉजिक अपने आप क्लिक हो जाएगा। लेकिन इसके लिए आपको कठिन परिश्रम की आवश्यकता है। लेकिन अगर आप प्रोग्रामिंग में है, तो आपको शुरूआती तौर पर आपको किसी भी प्रकार के कोड को सबसे पहले नोटबुक में लिखना चाहिए, फिर ही अपने कंप्यूटर पर उसे टाइप करना चाहिए।
  • Reasoning (तर्कशक्ति)

प्रोग्रामिंग में अपने लॉजिक को बढ़ाने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा Reasoning के सवालो को हल करने की जरूरत है। रीज़निंग
का अर्थ होता है तर्कशक्ति। सरल शब्दो में, ऐसे सवाल जिसको आपके दिमाग के अंदर ही हल करे, वैसे सवालो को रीज़निंग के सवाल कहते है। रीज़निंग का एक उदहारण आप नीचे देख सकते है –

  1.  यदि 30 जनवरी, 2013 को गुरुवार रहा हो तो, 2 मार्च, 2013 को कौन सा दिन था?
    a. मंगलवार
    b. गुरुवार
    c. शनिवार
    d. रविवार

उत्तर :- शनिवार।

  • Don’t give up Attitude

कई विद्यार्थी प्रोग्रामिंग करना शुरू कर देते है, लेकिन वह लोग कुछ सवालो के बाद प्रोग्रामिंग बंद कर देते है या फिर वह लोग प्रोग्रामिंग के सवाल किसी वीडियो या वेबसाइट से देख देख के करते है। लेकिन प्रोग्रामिंग एक ऐसी चीज़ है। जिसको आपको अपने दिमाग से ही सवाल या प्रॉब्लम हल करना होगा,और आपकी पहली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखने में आपको समय देने की आवश्यकता है और आपको सवाल खुद से हल करना होगा। कोई व्यक्ति अपनी पहली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज 2 महीनो में सीखता है तो कोई 4 महीनो में।

इसके अतिरिक्त आप में analytical skills का गुण होना चाहिए और कभी भी अगर आप से किसी प्रॉब्लम या सवाल का हल नहीं हो रहा है तो हमेशा किसी वेबसाइट से पूरा लिखा हुआ हल देखे। कभी भी वीडियो से step by step न देखे।

अंतिम विचार

आप अगर प्रोग्रामिंग की क्षेत्र कामयाबी हांसिल करना चाहते है, तो आपको गणित को और अन्य बातो को भी समझने की जरूरत है। लेकिन जैसा की हमने आपको पहले बताया कि आपको कन्सिस्टेन्सी के साथ प्रोग्रामिंग करनी पड़ेगी। कम से कम आपको एक दिन में एक प्रॉब्लम या सवाल जरूर हल करना चाहिए। हम यह उम्मीद रखते है कि हमारे इस ब्लॉग से आपके जीवन में या आपके प्रोग्रामिंग के राह में अगर कोई सहायता मिली हो तो, हमे नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताये। धन्यवाद।

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Manish Rathi
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