World Environment Day 2021: क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस, क्या है महत्व और थीम

विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व पर्यावरण दिवस
उद्देश्य पूरे विश्व को पर्यावरण की सुरक्षा करनी चाहिए, यह समझाने के लिए
अनुष्ठान पर्यावरण की सुरक्षा
तारीख 5 जून
First time 5 जून, 1974

हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है। किसी भी दिन को मनाने के पीछे कोई न कोई प्रमुख कारण होता है और विश्व पर्यावरण दिवस का भी एक उद्देश्य है कि लोगो को प्रकृति के प्रति जागृत करना। हमारी पूरी दुनिया कोरोना महामारी से संघर्ष कर रही है। और हर जगह लॉक डाउन के कारण प्रकृति और पर्यावरण को अपनी सुंदरता प्रस्तुत करने का मौका मिला है। और आप सब जानते ही है कि पेड़-पौधों की सुरक्षा करनी कितनी जरुरत है। इसलिए इस बार आपको पर्यावरण का संवर्धन अलग तरीके से करना होगा।

इस बार भले लॉक डाउन की वजह से प्रदूषण कम हुआ लेकिन विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) तभी सार्थक होगा जब पर्यावरण के प्रति सभी मनुष्य को सजग होने की जरुरत है। और इंसानो को भी पानी, हवा, धरती आदि को स्वच्छ रखना होगा। लेकिन कही न कही हम लोग ही अपने आस पास के वातावरण को शुद्ध रखना होगा। तभी इस खास दिन को सार्थक बनाया जा सकता है।

यदि हम लोगो को पर्यावरण को दूषित होने से बचाना है तो हम सबसे पहले प्लास्टिक का उपयोग करना बंद करना होगा। पॉलीथीन में पालीयूरोथेन नाम का एक रसायन पाया जाता है। जिसका निर्माण होता है लेकिन अंत कभी नहीं होता है। अगर हम उसे जला दे तो वह हमारे वातावरण को प्रदूषित करता है। और अगर हम इसे जमीन में दबा दे तो वह एक गैस का निर्माण कर धरती को नुकसान पहुँचती है। चलिए जानते है कि विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत कैसे हुई।

History of World Environment Day

पर्यावरण को दूषित होना एक गंभीर समस्या बनने के कारण 1972 में सयुंक्त राष्ट्र संघ ने स्टॉकहोम ( स्वीडन ) में सर्वप्रथम पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया। खास बात यह है कि इस सम्मेलन में 119 देशो ने भाग लिया था। इस पर आप विचार कर सकते है कि अब प्रदूषण बहुत अधिक बढ़ गया है इसलिए हम सबको मिलकर ही इस प्रकृति की सुरक्षा करनी होगी। इसके पश्चात दो सालो के बाद वर्ष 1974 में “केवल एक पृथ्वी” इसी विषय के साथ विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

हमारे देश ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया था तब उस समय हमारे देश की प्रधानमंत्री इन्द्रा गाँधी ने हमारे देश में बढ़ते प्रदुषण के बारे में चर्चा की और अपनी चिंता भी व्यक्त थी।

भारत देश में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए 19 नवंबर 1986 में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम को लागु किया गया। जिसके तहत पर्यावरण को नुकसान करने वालो को कड़ी सजा का प्रावधान है।

इसे पर्यावरण सम्मेलन के बाद हमारे देश में पर्यावरण को लेकर एक क्रांति फैली जिसका नाम है चिपको आन्दोलन। वर्ष 1973 में उत्तराखंड के चमोली जिले में जब कई लोग और सरकारी कर्मचारी पेड़ो को काटने के लिए आये तब उस जिले की सभी महिलाओ ने पेड़ो को गले लगा लिया जिसके कारण इस आन्दोलन का नाम चिपको आन्दोलन रखा गया।

इसलिए इस दिवस को खास मनाने के लिए हमे भी अपने पेड़ पोधो की रक्षा मात्र एक दिन नहीं बल्कि पुरे साल करनी होगी। जिससे की प्रकृति और हमारा साथ एक दूसरे के लिए हमेशा बना रहे क्योंकि प्रकृति के बिना मानव का कोई अस्तित्व नहीं है।

World Environment Day 2021 Theme

वर्ष 2021 में जो थीम रखी गयी है कि पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली। इसका यह अर्थ है कि हमारे जो प्राकृतिक तत्व है जैसे की झील, परिदृश्य और महासागर यह सभी हमारी प्रकृति का हिस्सा है। लेकिन प्रदूषण के कारण इनमे क्ष्रति यानि यह दूषित हो रहे है। लेकिन इस पर्यावरण के दिन हम सबको यह प्रण लेना है कि हम सभी लोग अपने योगदान देकर इस प्रकृति ने जो अपना मूल स्वरूप खो दिया है वो हम उसे वापस दिलवाना है।

इस प्रकृति को ओर ज्यादा सूंदर और सुरक्षित करना है। पर्यावरण में पशु पक्षी आदि का भी समावेश होता है लेकिन आज कई जानवर अपना अस्तित्व खो रहे है। इसलिए उनकी सुरक्षा करनी हमारा कर्त्तव्य है।

World Environment Day Themes & Host Countries

विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष अलग अलग देशो के द्वारा आयोजित किया जाता है। तथा हर वर्ष इस दिन को खास बनाने के लिए अलग थीम भी रखी जाती है। जो की सभी लोगो के प्रकृति को बचाने का सन्देश होता है।

  • वर्ष 1974 में थीम “Only One Earth” (केवल एक पृथ्वी) था जिसकी मेजबानी स्पोकेन, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1975 में थीम “Human Settlements” था जिसकी मेजबानी ढाका, बंगलादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1976 में थीम “Water: Vital Resource for Life” था जिसकी मेजबानी ओंटारियो कनाडा द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1977 में थीम “Ozone Layer Environmental Concern; Lands Loss and Soil Degradation” था जिसकी मेजबानी सिलहट, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1978 में थीम “Development Without Destruction ” था जिसकी मेजबानी सिलहट, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1979 में थीम “Only One Future for Our Children – Development Without Destruction” था जिसकी मेजबानी सिलहट, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1980 में थीम “A New Challenge for the New Decade: Development Without Destruction” था जिसकी मेजबानी सिलहट, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1981 में थीम “Ground Water; Toxic Chemicals in Human Food Chains” था जिसकी मेजबानी सिलहट, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1982 में थीम “Ten Years After Stockholm (Renewal of Environmental Concerns)” था जिसकी मेजबानी ढाका, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1983 में थीम “Managing and Disposing Hazardous Waste: Acid Rain and Energy” था जिसकी मेजबानी सिलहट, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1984 में थीम “Desertification” था जिसकी मेजबानी राजशाही, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1985 में थीम “Youth: Population and the Environment” था जिसकी मेजबानी इस्लामाबाद, पाकिस्तान द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1986 में थीम “A Tree for Peace”था जिसकी मेजबानी ओंटारियो, कनाडा द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1987 में थीम “Environment and Shelter: More Than A Roof” था जिसकी मेजबानी नैरोबी, केन्या द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1988 में थीम “When People Put the Environment First, Development Will Last” था जिसकी मेजबानी बैंकॉक, थाईलैंड द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1989 में थीम “Global Warming; Global Warning” था जिसकी मेजबानी ब्रसेल्स, बेल्जियम द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1990 में थीम “Children and the Environment” था जिसकी मेजबानी मेक्सिको सिटी, मेक्सिको द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1991 में थीम “Climate Change. Need for Global Partnership” था जिसकी मेजबानी स्टॉकहोम, स्वीडन द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1992 में थीम “Only One Earth, Care and Share” था जिसकी मेजबानी जनेरियो, ब्राजील द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1993 में थीम “Poverty and the Environment – Breaking the Vicious Circle” था जिसकी मेजबानी बीजिंग, चीन द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1994 में थीम “One Earth One Family” था जिसकी मेजबानी लंदन, यूनाइटेड किंगडम द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1995 में थीम “We the Peoples: United for the Global Environment” था जिसकी मेजबानी प्रिटोरिया, साउथ अफ्रीका द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1996 में थीम “Our Earth, Our Habitat, Our Home” था जिसकी मेजबानी इस्तांबुल, तुर्की द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1997 में थीम “For Life on Earth” था जिसकी मेजबानी सियोल, कोरिया गणराज्य द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1998 में थीम “For Life on Earth – Save Our Seas” था जिसकी मेजबानी मास्को, रूसी संघ द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 1999 में थीम “Our Earth – Our Future – Just Save It!” था जिसकी मेजबानी टोक्यो, जापान द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2000 में थीम “The Environment Millennium – Time to Act” था जिसकी मेजबानी एडिलेड, ऑस्ट्रेलिया द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2001 में थीम “Connect with the World Wide Web of Life Torino” था जिसकी मेजबानी इटली द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2002 में थीम “Give Earth a Chance” था जिसकी मेजबानी शेनझेन, चीन द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2003 में थीम “Water – Two Billion People are Dying for It!” था जिसकी मेजबानी लेबनान की राजधानी बैरुत द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2004 में थीम “Wanted! Seas and Oceans – Dead or Alive?” था जिसकी मेजबानी स्पेन के शहर बर्सोलोना द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2005 में थीम “Green Cities – Plan for the Planet!” था जिसकी मेजबानी कैलिफ़ोर्निया के सेन फ्रांसिस्को द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2006 में थीम “Deserts and Desertification – Don’t Desert Drylands!” था जिसकी मेजबानी अल्जीरिया की राजधानी अल्जीयर्स द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2007 में थीम “Melting Ice – a Hot Topic?” था जिसकी मेजबानी लंदन, इंग्लैंड द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2008 में थीम “Kick The Habit – Towards A Low Carbon Economy” था जिसकी मेजबानी वेलिंगटन, न्यूजीलैंड द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2009 में थीम “Your Planet Needs You – Unite to Combat Climate Change ” था जिसकी मेजबानी मेक्सिको सिटी, मेक्सिको द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2010 में थीम “Many Species. One Planet. One Future” था जिसकी मेजबानी रंगपुर, बांग्लादेश द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2011 में थीम “Forests: Nature at your Service” था जिसकी मेजबानी दिल्ली, भारत द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2012 में थीम “Green Economy: Does it include you?” था जिसकी मेजबानी ब्रासीलिया, ब्राजील द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2013 में थीम “Think Eat Save. Reduce Your Food print” था जिसकी मेजबानी उलानबटार, मंगोलिया द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2014 में थीम “Raise your voice, not the sea level” था जिसकी मेजबानी ब्रिजटाउन, बारबाडोस द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2015 में थीम “Seven Billion Dreams. One Planet. Consume with Care.” था जिसकी मेजबानी रोम, इटली द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2016 में थीम “Zero Tolerance for the Illegal Wildlife trade” था जिसकी मेजबानी लुआंडा, अंगोला द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2017 में थीम “Connecting People to Nature – in the city and on the land, from the poles to the equator” था जिसकी मेजबानी ओटावा, कनाडा द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2018 में थीम “Beat Plastic Pollution” था जिसकी मेजबानी नई दिल्ली, भारत द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2019 में थीम “Beat Air Pollution” था जिसकी मेजबानी चीन द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2020 में थीम “Time for Nature” था जिसकी मेजबानी कोलंबिया द्वारा की गयी थी।
  • वर्ष 2021 में थीम “Ecosystem restoration” था जिसकी मेजबानी पाकिस्तान द्वारा की गयी थी।

World Environment Day Slogans in Hindi

  • हम सबका एक ही नारा है पर्यावरण को सुरक्षित बनाना है।
  • धरती की अब यही है पुकार, पर्यावरण के करो सुधार।
  • पर्यावरण है सबका मान, वृक्ष लगाकर करो इसका सम्मान।
  • वृक्ष है इस पर्यावरण के आभूषण, ना करो इनका शोषण।
  • जब होगा पर्यावरण का रखोगे ध्यान, कोई नही पहुचायेगा फिर इन्हें नुकसान।

अंतिम विचार की ओर

हम आपसे यह उम्मीद रखते है कि आप भी इसे पर्यावरण दिवस कम से कम एक पौधा जरूर उगाएंगे। क्योंकि यह पेड़ ही है जिनसे हमारी साँसे चलती है। और इस कोरोना के संकट में हमे इस मुहीम को ओर आगे बढ़ाना होगा।

हमे आज आशा करते है कि आपको हमारे इस ब्लॉग से जरूर आपको विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में जाने को मिला होगा। आप प्रकृति से कितने जुड़े हुए है और आप पर्यावरण के बारे में कुछ बताना चाहते है तो हमे नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताये। धन्यवाद।

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Manish Rathi
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